qazmnvasa

RL Max - New Levels Of Stamina

RL Max What might be the effects of the influx for the fountain of youth? Medically, we do not the long-term effects of 40+ numerous testosterone supplementation on the body system. Most people who have done so to this point have done this quietly, for obvious reasons. As a society, may be the effects? What happens when these an 50-something men suddenly feel twenty years of age again? Can we see higher divorce rates and a restructuring of your traditional family unit? And what are the economic implications? Assuming these men live for a longer time Male Enhancement than anticipated, social home alarm system will certainly take a hit, providing years of retirement funding not originally planned when. And what about the women? Are they going to follow suit and begin their own macro-trek into the fountain of revisited younger days?
qazmnvasa
0 Likes
0 Shares
Comment
Suggested
Recent
Cards you may also be interested in
ऑस्टियोआर्थराइटिस (OA) और रयूमेटाइड आर्थराइटिस (RA) में अंतर
https://aarogyaved.in/osteoarthritis-rheumatoid-arthritis-me-antar-in-hindi/ दोस्तो, सबसे पहले तो हम बात करेंगें कि गठिया(आर्थराइटिस) क्या होता है | यह एक ऐसा रोग है जिसमें जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन हो जाती है | इस रोग में रोगी के जोड़ों में गांठें बन जाती हैं, इसलिए इस रोग को गठिया(Arthritis) कहते हैं | ऑस्टियोआर्थराइटिस और रयूमेटाइड आर्थराइटिस में अंतर ऑस्टियोआर्थराइटिस (OA) बढ़ती उम्र के कारण जोड़ों में मौजूद कार्टिलेज (उपास्थि) के घिसने के कारण होने वाल गठिया (आर्थराइटिस) है | जबकि रयूमेटाइड आर्थराइटिस (RA) एक ऐसा गठिया है जिसमें शरीर की रक्षा प्रणाली शरीर के जोड़ों को ही नुकसान पहुँचाने लगती है अर्थात यह एक ऑटो-इम्यून डिसऑर्डर (autoimmune disorder) है | अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें |
स्वस्थ रहने के 36 नियम - 36 Health Rules In Hindi
https://aarogyaved.in/swasth-rahne-ke-36-niyam-health-rules-tips-in-hindi/ दोस्तो, मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी दौलत है निरोगी काया अर्थात् मनुष्य का अपना स्वास्थ्य | इस स्वास्थ्य प्राप्ति के लिए या इस स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मनुष्य को कुछ नियमों का पालन करना चाहिए | दोस्तो, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है | इस लेख में मैं आपको 36 ऐसे नियम बता रहा हूँ जिनका पालन करके आप बहुत सी बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं | दोस्तो, इन स्वस्थ रहने के 36 नियम (36 Health Rules In Hindi) को यदि आप अपनाते हैं अर्थात इनका पालन करते हैं तो आप अपनी वृद्धायु तक भी निरोगी रहकर स्वस्थ जीवन जी सकते हैं | अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें |
किसी आहार को खाने का सही समय, और कब उसे नहीं खाना चाहिए
https://aarogyaved.in/right-time-to-eat-different-foods-in-hindi/ दोस्तो, कई बार पोषक आहार (Healthy Food) खाने के बाद भी हमें कुछ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है | इसका सबसे बड़ा कारण है गलत समय पर सही चीज़ को खाना | हर चीज़ में अलग अलग पोषक तत्व होते हैं और हर पोषक तत्व शरीर में जाने के बाद अपना प्रभाव शरीर पर जरूर छोड़ता है | इसी कारण हर खाद्य वास्तु को किसी भी समय खाना लाभप्रद नहीं भी हो सकता | दूध पीने का सही समय – Right Time To Drink Milk in Hindi दोस्तो, दूध पीने का सही समय रात को है | मीट खाने का सही समय दोस्तो, मीट खाने का सही समय दोपहर को है | अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें |
जीरे से वजन कम करने के 4 तरीके
https://aarogyaved.in/benefits-of-cumin-seeds-jeera-for-weight-loss-in-hindi/ दोस्तो, लोग मोटापे से छुटकारा पाने के लिए बहुत प्रयास करते हैं, जैसे घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, कभी कोई तो कभी कोई डाइट अपनाते (फॉलो करते) हैं | परंतु आप में से बहुत कम लोग जानते होंगें कि जीरा तेजी से वजन कम करने में बहुत सहायक है | वजन कम करने के लिए इसका नियमित सेवन बहुत फायदेमंद साबित होता है | अगर आप लगातार कुछ दिनों तक इसका सेवन करते हैं, तो ये तेजी से आपके शरीर की चर्बी कम करता है | दोस्तो, आज मैं आपको जीरे से वजन कम करने के चार तरीके या घरेलू नुस्खे बताऊंगा जिसको करने से आप का वजन कुछ ही दिनों में 10 किलो तक कम हो सकता है | और पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें |
मछली के तेल (फिश आयल) के कैप्सूल्स के नुकसान
https://aarogyaved.in/machli-ke-tel-fish-oil-ke-capsules-ke-nuksan-in-hindi/ मछली के तेल (फिश आयल) के कैप्सूल्स के नुकसान : दोस्तो, मछली के तेल के कैप्सूल्स का सेवन करने से, ये आपके स्वास्थ्य को बहुत फायदे देते हैं; परन्तु इसके कुछ नुकसान भी हैं जो मैं आपको आगे बता रहा हूँ: कुछ अध्ययनों से साबित हुआ है कि मछली के तेल की बहुत अधिक मात्रा खाने से रक्त की स्‍कंदन क्षमता (Blood’s Natural Ability To Clot) कम हो जाती है | कुछ लोगों को मछली का तेल खाने से एलर्जी (जैसे त्वचा पर चकत्ते आदि) हो सकती है | फिश बर्प्स (Fish Burps) बार बार डकार आना, सांस में से मछली की गंध आना आदि लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं, जिन्हें फिश बर्प्स (Fish Burps) भी कहते हैं | अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें |